नवग्रह और मानव शरीर: नौ ग्रहों का हमारे मूड और हॉर्मोन्स पर असर

 

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हमारा शरीर ब्रह्मांड का एक छोटा सा हिस्सा है। ज्योतिष और प्राचीन विज्ञान के अनुसार, आकाश में घूमने वाले नौ ग्रह (नवग्रह) केवल अंतरिक्ष का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे हमारे शरीर, मूड और हॉर्मोन्स को सीधे प्रभावित करते हैं। आइए जानते हैं कि कौन सा ग्रह हमारे शरीर के किस हिस्से और भावना को नियंत्रित करता है।

1. सूर्य (The Sun): आत्मा और जीवन शक्ति

  • हॉर्मोन/सिस्टम: पीनियल ग्रंथि और मेलाटोनिन (Melatonin)
  • असर: सूर्य हमारी रीढ़ की हड्डी, दिल और आत्म-सम्मान को नियंत्रित करता है।
  • मूड पर प्रभाव: सूर्य कमजोर होने पर व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी और लगातार थकावट महसूस होती है।


2. चंद्रमा (The Moon): मन और भावनाएं

  • हॉर्मोन/सिस्टम: सेरोटोनिन (Serotonin) और शरीर के तरल पदार्थ
  • असर: चंद्रमा हमारे मानसिक संतुलन और पाचन तंत्र से जुड़ा है।
  • मूड पर प्रभाव: चंद्रमा की बदलती कलाएं हमारे मूड स्विंग्स, एंग्जायटी (घबराहट) और डिप्रेशन को प्रभावित करती हैं।


3. मंगल (Mars): ऊर्जा और क्रोध

  • हॉर्मोन/सिस्टम: एड्रेनालाईन (Adrenaline) और टेस्टोस्टेरोन
  • असर: यह ग्रह हमारे रक्त (Blood) और मांसपेशियों की ताकत को नियंत्रित करता है।
  • मूड पर प्रभाव: मंगल का असंतुलन व्यक्ति को बहुत ज्यादा आक्रामक (Angry) या अत्यधिक डरपोक बना सकता है।


4. बुध (Mercury): बुद्धि और संवाद

  • हॉर्मोन/सिस्टम: थायराइड (Thyroid) और न्यूरोट्रांसमीटर
  • असर: बुध हमारे तंत्रिका तंत्र (Nerves) और त्वचा की देखभाल करता है।
  • मूड पर प्रभाव: बुध के खराब होने पर व्यक्ति अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर पाता और भ्रम (Confusion) की स्थिति में रहता है।


5. गुरु / बृहस्पति (Jupiter): ज्ञान और विकास

  • हॉर्मोन/सिस्टम: इंसुलिन (Insulin) और लिवर के एंजाइम्स
  • असर: यह शरीर की वृद्धि, चर्बी और लिवर को प्रभावित करता है।
  • मूड पर प्रभाव: मजबूत गुरु इंसान को आशावादी (Optimistic) बनाता है, जबकि कमजोर गुरु से उदासी और आलस्य आता है।


6. शुक्र (Venus): सौंदर्य और प्रेम

  • हॉर्मोन/सिस्टम: एस्ट्रोजन (Estrogen) और प्रजनन हॉर्मोन
  • असर: शुक्र हमारी त्वचा, आंखों की चमक और प्रजनन क्षमता को नियंत्रित करता है।
  • मूड पर प्रभाव: शुक्र के कमजोर होने पर जीवन में नीरसता आती है और व्यक्ति अकेलापन महसूस करता है।


7. शनि (Saturn): अनुशासन और धैर्य

  • हॉर्मोन/सिस्टम: कोर्टिसोल (Cortisol - स्ट्रेस हॉर्मोन)
  • असर: शनि हमारी हड्डियों, दांतों और जोड़ों से जुड़ा है।
  • मूड पर प्रभाव: शनि का प्रभाव इंसान को गंभीर, अनुशासित या फिर अत्यधिक तनाव और डिप्रेशन में डाल सकता है।


8. राहु (Rahu): भ्रम और इच्छाएं

  • हॉर्मोन/सिस्टम: डोपामाइन (Dopamine - लत और इच्छा का हॉर्मोन)
  • असर: यह हमारे मस्तिष्क के छिपे हुए डर और इच्छाओं को अनियंत्रित करता है।
  • मूड पर प्रभाव: राहु के प्रभाव से व्यक्ति में अचानक गुस्सा, भ्रम और किसी चीज की लत (Addiction) लग सकती है।


9. केतु (Ketu): वैराग्य और अंतर्ज्ञान

  • हॉर्मोन/सिस्टम: एंडोर्फिन (Endorphins)
  • असर: यह हमारे रीढ़ के निचले हिस्से और नसों को प्रभावित करता.है।
  • मूड पर प्रभाव: केतु व्यक्ति को दुनिया से अलग (Isolation) करता है और अध्यात्म या वैराग्य की ओर ले जाता है।


ग्रहों को संतुलित करने के उपाय

  • योग और ध्यान: रोजाना ध्यान करने से चंद्रमा और राहु शांत होते हैं।
  • धूप सेकना: सुबह की धूप से सूर्य और हड्डियों (शनि) को मजबूती मिलती है।
  • सही खान-पान: सात्विक भोजन खाने से गुरु और बुध का सकारात्मक असर बढ़ता है।

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