घर के मंदिर में शिवलिंग रखना शास्त्रों के अनुसार बिल्कुल शुभ माना जाता है, लेकिन इसके लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य है। अगर आप इन नियमों की अनदेखी करते हैं, तो इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। आइए जानते हैं कि शास्त्रों के अनुसार घर में शिवलिंग रखने के सही नियम क्या हैं।
घर में शिवलिंग रखने के जरूरी नियम
- छोटा आकार: घर के शिवलिंग का आकार बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, शिवलिंग की ऊंचाई आपके हाथ के अंगूठे के ऊपर वाले पोर (लगभग 2 से 3 इंच) से बड़ी नहीं होनी चाहिए।
- अकेला शिवलिंग न रखें: मंदिर में कभी भी केवल शिवलिंग न रखें। भगवान शिव सपरिवार रहते हैं, इसलिए शिवलिंग के साथ माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की मूर्ति या तस्वीर जरूर होनी चाहिए।
- दिशा का ध्यान: शिवलिंग को हमेशा इस तरह स्थापित करें कि पूजा करते समय आपका मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर हो। जलधारा (जलाधारी) का मुख हमेशा उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए।
- नियमित पूजा और जलाभिषेक: यदि आप घर में शिवलिंग रख रहे हैं, तो उनकी नियमित पूजा और जलाभिषेक करना अत्यंत आवश्यक है। शिवलिंग को कभी भी बिना पूजा के सूना नहीं छोड़ना चाहिए।
- धातु का चयन: घर के मंदिर के लिए पारद (मरकरी), स्फटिक, चांदी या नर्मदा नदी से निकले नर्मदेश्वर शिवलिंग को सबसे उत्तम और शुभ माना जाता है।
- केवल एक शिवलिंग: पूरे घर में केवल एक ही शिवलिंग स्थापित होना चाहिए। एक से अधिक शिवलिंग रखने की मनाही है।
इन बातों का विशेष रखें ध्यान
- साफ-सफाई: शिवलिंग के आसपास हमेशा स्वच्छता होनी चाहिए।
- तुलसी पत्ता वर्जित: भगवान शिव की पूजा में कभी भी तुलसी के पत्तों का उपयोग न करें।
- केतकी के फूल: शिव जी को केतकी के फूल भूलकर भी अर्पित न करें।
- हल्दी और सिंदूर: शिवलिंग पर कभी भी हल्दी और सिंदूर न चढ़ाएं, क्योंकि यह माता पार्वती को चढ़ाया जाता है। शिव जी को केवल चंदन या भस्म लगाएं।
अगर आप इन सभी नियमों का पूरी निष्ठा से पालन कर सकते हैं, तभी घर के मंदिर में शिवलिंग की स्थापना करें। नियमपूर्वक की गई पूजा से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

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