सुंदरकांड पाठ की सही विधि, नियम और लाभ | Sunderkand Path Vidhi
सुंदरकांड का पाठ घर पर करने के लिए सबसे पहले मन में शुद्धता, सही विधि और नियमों का पालन करना अनिवार्य है। सनातन धर्म में रामचरितमानस के सुंदरकांड का पाठ अत्यंत कल्याणकारी और चमत्कारी माना गया है। यह एकमात्र ऐसा अध्याय है जो भक्त हनुमान जी की विजय, शक्ति और बुद्धि का गुणगान करता है। यदि आप भी अपने घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाना चाहते हैं, तो यहाँ जानें सुंदरकांड पाठ की संपूर्ण विधि, नियम और इसके लाभ। सुंदरकांड पाठ की सही विधि घर पर सुंदरकांड का पाठ शुरू करने से पहले एक निश्चित और पवित्र स्थान का चुनाव करें। चौकी की स्थापना : एक साफ चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। प्रतिमा स्थापना : चौकी पर हनुमान जी और भगवान श्री राम-माता सीता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। संकल्प लें : हाथ में जल और अक्षत लेकर अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए संकल्प करें। दीपक और भोग : हनुमान जी के सामने गाय के घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं। उन्हें बूंदी के लड्डू, चना-गुड़ या फल का भोग अर्पित करें। शुरुआत : पाठ शुरू करने से पहले भगवान गणेश, फिर श्री राम जी और अंत में हनुमान जी का आह्वान करें। आरत...