शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने के 5 लाभ और महत्व | Shiv Tandav Stotram Benefits
शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने से मिलते हैं ये 5 अद्भुत लाभ, जानें रावण द्वारा रचित इस स्तोत्र की महिमा सनातन धर्म में भगवान शिव की आराधना के कई तरीके बताए गए हैं। इनमें सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली मंत्रों में से एक है 'शिव तांडव स्तोत्र'। इसकी रचना परम शिव भक्त और लंकापति रावण ने की थी। जब रावण का अहंकार चूर हुआ, तब उसने भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए इस स्तोत्र का गान किया था। इसकी अनूठी लय और कठिन संस्कृत शब्दों का प्रवाह मन को एक अलग ही ऊर्जा से भर देता है। आइए जानते हैं शिव तांडव स्तोत्र की महिमा और इसका नियमित पाठ करने से मिलने वाले 5 अद्भुत लाभों के बारे में। शिव तांडव स्तोत्र की महिमा और इतिहास पौराणिक कथा के अनुसार, रावण को अपनी शक्तियों पर बहुत घमंड हो गया था। एक बार उसने भगवान शिव के निवास स्थान कैलाश पर्वत को ही उठाने का प्रयास किया। महादेव ने अपने पैर के अंगूठे से कैलाश पर्वत को थोड़ा सा दबा दिया, जिससे रावण का हाथ पर्वत के नीचे दब गया। असहनीय पीड़ा में रावण ने अपनी भूल स्वीकार की और महादेव को प्रसन्न करने के लिए तुरंत एक स्तोत्र की रचना की। यही स्तोत्र ...